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पेशाब में खून आने के कारण, लक्षण और बचाव । What is blood in urine ! Blood in urine in Hindi

 

पेशाब में खून आना क्या होता है?

What is blood in urine?


पेशाब में खून देखना काफी भयावह हो सकता है। जबकि कई ऐसे उदाहरण है जो पेशाब में खून आने की स्थिति को हानि रहित बताते हैं और कई मामलों में पेशाब में खून आना किसी गंभीर विकार का संकेत भी दे सकता है। पेशाब में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले फोन को क्लोज हेमाट्यूरिया कहा जाता है। मूत्र में रक्त तब पाया जाता है जब डॉक्टर पेशाब की जांच करते हैं। किसी भी तरह से खून आने के कारण कौन निर्धारित करना जरूरी होता है क्योंकि पेशाब में खून अपने आप भी आ सकता है और यह किसी अन्य कारण से भी आ सकता है। कभी-कभी पेशाब में खून की मात्रा इतनी कम होती है कि उनको सादा आंखों से नहीं देखा जा सकता और उनका पता तब चलता है जब किसी कारणवश पेशाब टेस्ट करवाया जाता है जो कि एक स्वस्थ पेशाब में बिल्कुल भी खून की मात्रा नहीं होती इसलिए द्वारा पेशाब की जांच कराना जरूरी होता है। पेशाब में खून तब मिलता है । जब पेशाब करते मूत्राशय और मूत्र पथ के अंदर से गुजरता है।



पेशाब में खून आने के लक्षण-

Blood in urine symptoms :


1-पेट में या कमर में एक तरफ दर्द होना

2-पेट के निचले हिस्से में दर्द होना

3-अचानक से पेशाब आना

4-पेशाब करने में कठिनाई

5-यदि पेशाब में पर्याप्त मात्रा में खून मौजूद है। तो वह खून का थक्का बनना हो सकता है। खून का थक्का  पेशाब के प्रभाव को पूरी तरह से अवरुद्ध कर सकता है ।इससे अचानक से अत्यंत तेज दर्द और पेशाब करने में क्षमता उत्पन्न हो जाती है। पेशाब में गंभीर रूप से खून आना थक्के का कारण हो सकता है खून में थके आमतौर पर मूत्र पथ में किसी प्रकार की चोट या गांव के कारण बन सकते हैं।


पेशाब में खून आने के कारण:-

Blood in urine causes-


1-मूत्राशय में संक्रमण-इसमें अक्सर पेशाब करते समय दर्द में जलन महसूस होती है।

2-गुर्दे में संक्रमण-इसके कारण शरीर का उच्च तापमान और पेट की एक तरफ दर्द होता है।

3-गुर्दे में पथरी-यह कई बार दर्द रहित भी होती है, लेकिन कई बार यह गुर्दे से आने वाली 1 ट्यूब को बंद कर देती है। जिससे गंभीर पेट दर्द शुरू हो जाता है।

4-बड़ी हुई पुरुष ग्रंथि-यह बृहद पुरुषों में होने वाली एक सामान्य स्थिति है। जिसका पुरुष ग्रंथि में कैंसर से कोई लेना देना नहीं होता, बढ़ी हुई पुरुष ग्रंथि मूत्राशय की जगह घेर लेती है और उसे दबा देती है इससे कुछ समस्याएं पैदा हो जाती हैं जैसे पेशाब करने में कठिनाई और बार बार पेशाब करने की जरूरत होती है।

5-मूत्राशय में कैंसर-यह अक्सर 50 साल की उम्र के ऊपर के लोगों में होता है इसमें बार-बार और तत्काल स्थिति में पेशाब करने की जरूरत पड़ती है और साथ ही पेशाब करने के दौरान दर्द भी महसूस होता है।

6-गुर्दे का कैंसर-यह भी अक्सर 50 साल की उम्र से ऊपर के लोगों को प्रभावित करता है इसके कारण से पसलियों के नीचे लगातार दर्द हो सकता है।



पेशाब में खून आने के प्रकार-

Types of blood in urine :


1-ग्रॉस हेमाटूरिया-इसमें पेशाब में खून की मात्रा अधिक होती है जिसको आंखो द्वारा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

2-माइक्रोस्कोपिक हेमाटूरिया-इसमें पेशाब में खून की मात्रा बहुत कम होती है। इसको देखने के लिए माइक्रोस्कोप की आवश्यकता होती है।


पेशाब में खून आने के बचाव के उपाय –

Prevention of blood in urine :


पेशाब में खून आने की स्थिति को रोकना कठिन होता है, लेकिन कुछ ऐसे स्टेप हैं जिनका अनुसरण करके इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। 

1-गुर्दे में पथरी होने की स्थिति में-पूर्व मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें नमक के सेवन की मात्रा पर निगरानी रखें ऑक्सीनेट और पशु प्रोटीन जैसे उच्च पदार्थों का सेवन कम करें।

2-यदि आप धूम्रपान करते हैं-गुर्दे या मूत्राशय में कैंसर के जोखिम से बचने के लिए धूम्रपान से बचना सबसे प्रभावी उपाय है। धूम्रपान न करने वालों के मुकाबले धूम्रपान करने वाले लोगों में मूत्राशय कैंसर होने के जोखिम 4 से 5 गुना अधिक होते हैं।


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