Gymnea Sylvestre Q mother tincture Symptoms Uses and Banefit in hindi

 

Gymnea Sylvestre Q mother tincture Symptoms Uses and Banefit in hindi


गुड़मार

(Gymnea Sylvestre)


Gymnea Sylvestre Q mother tincture Symptoms Uses and Banefit in hindi


विभिन्न नाम– संस्कृत मेष सरंगी, बंगाली-मीरासींगी, छोटी दूधी लता, तमिल-शेरू कुरंजा।

डॉक्टर रामनाथ चोपड़ा ने अपनी प्रसिद्ध अंग्रेजी पुस्तक इन्डीजैनस ड्रग्ज ऑफ इण्डिया में इस बेल की पहचान के बारे में सविस्तार वर्णन किया है। मूत्र में शक्कर (मधुमेह) आने की बहुत सफल औषधिं समय है। थोड़े ही समय में इसके प्रयोग से मूत्र में शक्कर की मात्रा कम हो जाती है। रोगी को बहुत अधिक मात्रा में और दिन में कई बार मूत्र आये, पेशाब करने के बाद रोगी कमजोरी प्रतीत करे, मूत्र का आपेक्षिक घनत्व (स्पेसीफिक ग्रेविटी) अधिक हो, मूत्र और रक्त में बहुत अधिक मात्रा में शक्कर पाई जाये तो ये रोग इस दवा के टिक्चर से थोड़े दिनों में ही कम हो जाते हैं। इस दवा के निरन्तर प्रयोग से रोगी का वजन और शक्ति बढ़ने लगती है। वह पहले की भांति थोड़ा काम करने पर नहीं थकता, उसकी भूख बढ़ जाती है। चेहरे पर रौनक आ जाती है।

मधुमेह के रोगी के शरीर पर फोड़े, फुंसी और कार्बंकल निकल आए हो तो यह दवा से ठीक हो जाते हैं और फिर नहीं निकलते।चर्म में जलन और गर्मी प्रतीत होने कम हो जाती है और मधुमेह की सख्त में बोलने वाले प्यार दूर हो जाती है। 2-3 सप्ताह तक इस दवा के प्रयोग से रोगी के स्वास्थ्य में भारी परिवर्तन आ जाता है। शारीरिक मानसिक और मर्दाना शक्तियों जो पहले समाप्त हो चुकी थी, दोबारा उत्पन्न होने लग जाती है यह दवा मधुमेह के रोगी की आयु बढ़ा देती है।

मात्रा- 5 से 15 बूंदे दिन में तीन से चार बार ताजा पानी में मिलाकर दे।

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